ऐसे मुद्दे जो हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी से सरोकार रखते हैं, आए दिन अख़बारों एवं समाचार पत्रों की सुर्खियाँ बनते हैं| विडंबना ही है कि हम में से अधिकतर इन्हें पढ़ते हैं और भूल जाते हैं| आम ज़िंदगी से जुड़े इन मुद्दों की हम अनदेखी कर जाते हैं| आज अपनी भागती-दौड़ती मशीनी दिनचर्या से हमें इतना वक़्त तो निकलना ही होगा कि हम इनके अनुकूल एवं प्रतिकूल असर का अवलोकन करें| आज इन मुद्दों को नज़रअंदाज़ ना करते हुए, हमें इनसे आगाह रहना चाहिए ताकि हमारी आने वाली पीढ़ी को रहने के लिए एक स्वर्णिम देश एवं समाज मिल सके|